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Wednesday, March 23, 2011



वन्दे मातरम,
 आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से देरी की माफ़ी के साथ ही समस्त आत्मीय जनों को सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
  आज बड़े दिनों बाद आप सभी से मुखातिब होने का अवसर मिला है, बड़ी ख़ुशी होती है मुझे जब मै अपने शुख, दुःख, अपनी आप बीती आप सभी के साथ बांटता हूँ | आज भी मै कुछ बातें आपको बताने कुछ बातें आपसे जानने के लिए उपस्थित हूँ | सर्वविदित है की हम एक प्रयास कर रहे हैं, देश की जनता को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास जिसे आपके और हमारे द्वारा "अभियान भारतीय" का नाम दिया गया है और हम यह भी जानते हैं की हमारा यह प्रयास निःस्वार्थ गैर राजनैतिक, गैर धार्मिक, गैर जातीय है | हमारा उद्देश्य केवल जन जन में "भारतीयता" की भावना को पुनर्जागृत करना है जिसकी विस्मृति वर्तमान में सर्वत्र दृष्टिगत है और इसी विस्मृति का परिणाम है विभिन्न समस्याएं जिसका सामना हम सभी कर रहे हैं | मै हिन्दू, मै मुस्लिम, मै सिख, मै इसाई, मै मराठी, मै बंगाली, मै राजस्थानी, मै बिहारी यहाँ तक की हम मै भाजपाई, मै बसपाई, मै कांग्रेसी और भी ना जाने कितने अहंकारपूर्ण विभाक्तिकारक उद्बोधनों में विभक्त हैं पर इन सभी के बिच "मै भारतीय" कहीं नजर नहीं आता | "अभियान भारतीय" का प्रयास होगा की हम जन जन को फिर से सारे भेदभाव से मुक्त होकर "सबसे पहले मै भारतीय" इस बात को स्वीकारने की ओर प्रेरित करें, हमारा यह भी प्रयास होगा की हम एक भारतीय के मन में दुसरे भारतीय के प्रति प्रेम, बंधुत्व, भाईचारा की भावना को पुनर्जागृत करें| 
            "पुनर्जागृत" शब्द का प्रयोग मै इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि जब हमारा देश गुलाम था, जब हमें स्वतंत्रता की दरकार थी और उस समय जब हमारे द्वारा कोई आवाज़ उठाई जाती थी तो वह केवल एक भारतीय की आवाज़ होती थी | तब हम एक थे, केवल भारतीय थे कुछ और नहीं और इसी एकता के बल पर हमने आजादी प्राप्त की | अब जरा सोचिये की जब हम उस समय एक थे तो आज क्यों हमारा देश बंट रहा है और आज हम क्यों फिर से एक नहीं हो सकते जबकि आज के परिवेश में तो हमें स्वतंत्रता की लड़ाई से भी बड़ी लड़ाई लड़नी है, भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई, महंगाई के विरुद्ध लड़ाई, आतंवाद के विरुद्ध लड़ाई, और न जाने देश के लिए हमें कितनी लड़ाइयाँ लड़नी है |  क्या हम आपस में बंटकर इन लड़ाइयों को लड़ सकते हैं ? क्या हम आपस में बंटकर देश को इन मुश्किलों से आज़ाद करा सकते हैं ? क्या हम आपस में बंटकर अपने देश अपने भारत को विश्गुरु के स्थान पर जहाँ वह सदैव प्रतिष्ठित रहा वहां पुनः प्रतिष्ठित करा सकते हैं ? नहीं, नहीं, कभी नहीं हम आपस में ही विभक्त होकर यह कार्य कदापि नहीं कर सकते, हमें फिर से एक होना होगा और एकता के बल पर इन बुराइयों पर विजय पाकर ही हम अपने भारत को विश्वगुरु के रूप में देख सकेंगे |
                      एक राष्ट्र-एक आवाज़,"हम भारतीय हैं" यही हमारा उद्देश्य वाक्य है और आज आवश्कता है इसे सार्थक करने की | निश्चित रूप से हमारे इस महाभियान को देश के हर वर्ग ने अपना समर्थन, मार्गदर्शन आशीर्वाद अब तक प्रदान किया है और आशा ही नहीं वरन विश्वास है की भविष्य में भी करते रहेंगे पर आज मै अपने समस्त सम्मानीय आत्मीय जनों से साधिकार यह अपील करता हूँ की आप न केवल हमें समर्थन प्रदान करें वरन "भारतीयता" की भावना को जन जन तक पहुँचाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान अवश्य देवें | जिस भी माध्यम से हो सके इसे अधिकाधिक जनों तक प्रसारित करें | आपके अपने अभियान भारतीय से अधिकाधिक जनों को जोड़ें, लोगों को सर्वप्रथम "भारतीय" बनने की ओर प्रेरित करें, भारतीयता को राष्ट्रधर्म के रूप में अपनाने की ओर प्रेरित करें तभी आपका और हमारा यह महाभियान सार्थक और सफल होगा | मै सादर अनुरोध आप सभी से करना चाहता हूँ की अगर आप अभियान भारतीय के लिए अपने सन्देश, अपने विचार, अपनी महत्वपूर्ण सलाह हम तक पहुँचाना चाहते हैं तो आप कृपया निम्नांकित पते पर हमें अवश्य प्रेषित करें:-
गौरव शर्मा "भारतीय" {gouravsharma.2222@gmail .com , abhiyanbhartiya .211@gmail.com}
09301988885
शुभाष नगर प्रोफ़ेसर कॉलोनी रायपुर{छ.ग}
                 "यह आपका अपना अभियान है अतः आपसे सहयोग की अपेक्छा रहेगी"
                                     जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय

Tuesday, March 1, 2011

अश्रुपूरित श्रद्धांजलि...

समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की और सेसदर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
{पंडित शिव कुमार शाश्त्री जी }
                    आज आप सभी को मुझे अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि "अभियान भारतीय" परिवार के वरिष्ठतम सदस्य एवं हमारे आशीर्वादक पंडित शिव कुमार शाश्त्री जी का छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव में आकस्मिक निधन हो गया है | पंडित जी छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं छत्तीसगढ़ में जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे | पंडित जी के निधन से समूचा "अभियान भारतीय" परिवार शोकमग्न है | आज कुछ कह पाना कुछ लिख पाना बेहद मुश्किल है, पंडित जी का इस प्रकार हमें छोड़कर चले जाना न केवल "अभियान भारतीय" परिवार की, नगर की, प्रदेश की छति है वरन यह मेरी व्यक्तिगत छति भी है  इस घटना ने हम सभी को स्तब्ध कर दिया है | वाकई उनके जाने से जो छति हुई है उसकी पूर्ति कर पाना असंभव है |
                       पंडित जी ने न केवल राजनीती वरन समाजसेवा और भी न जाने कितने ही माध्यमों से जरुरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहा करते थे, कभी भी उन्हें पद अथवा प्रतिष्ठा की चाह नहीं रही, उन्होंने जनसंघ के शुरुआती दौर में छत्तीसगढ़ में अपने अभिन्न मित्र एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ मिलकर जनसंघ की नीव रखी और तमाम उम्र वे अपनी सिद्धांतों पर चलकर जनसामान्य की सेवा को समर्पित रहे | उदारमना देश भक्त पंडित जी प्रदेश के वरिष्ठतम एवं ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य भी जाने जाते रहे हैं |
{वह अविस्मरनीय अवसर जब हमने पंडित जी का आशीर्वाद प्राप्त किया था }
                          आज वह दिन मुझे अनायाश याद आ रहा है जब हम "अभियान भारतीय" के सञ्चालन की अनुमति एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पंडित जी के पास गए थ, उन्होंने हमें न केवल प्रसन्न होकर अनुमति एवं आशीर्वाद प्रदान किया वरन भारत के इतिहास और अपने महत्वपूर्ण अनुभवों से अवगत भी कराया, व्यस्त होने के बावजूद घंटों अपने पास बिठाकर वे हमारा मार्गदर्शन करते रहे | वाकई उनसे हमें हमेशा आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिला करता था आज उनके चले जाने के खबर ने हमें झकझोर कर रख दिया है | पंडित जी का निधन एक स्वर्णिम युग का अंत है उनके जैसे लोग इस धरती पर विरले ही आते हैं | मै "अभियान भारतीय" परिवार के तमाम सदस्यों कि और से परम श्रद्धेय शिवकुमार शाश्त्री जी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और इश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे पंडित जी की आत्मा को चिर शांति एवं हम सभी को इस दुःख की घडी को सहने की शक्ति प्रदान करें....
                                                                    

Tuesday, February 8, 2011

पान का दुकान बना प्रेरणा का केंद्र


{उमेश यादव जी का दुकान जो पुर्णतः अभियान भारतीय के रंग में रंगा है }

        वन्दे मातरम, समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!      
           कभी कभी साधारण व्यक्ति भी असाधारण व्यक्तित्व का धनी हो सकता है बस हमें उसे पहचानने की और उसकी प्रतिभा को निखारने की आवश्यकता होती है | विगत दिनों मेरा परिचय भी एक ऐसे ही साधारण से दिखने वाले असाधारण व्यक्तित्व के धनी श्री उमेश यादव जी से हुआ | उमेश यादव जी दुर्ग में पद्मनाभपुर के निवासी हैं और वहीँ गौरव पथ में  "इंडियन पान पैलेस"  के नाम से पान दुकान का सञ्चालन करते हैं | विगत दिनों जब हम "अभियान भारतीय" के प्रचार प्रसार के लिए दुर्ग में थे और दिनभर के कार्यक्रम निपटाने के बाद काफी थक चुके थे तो चाय पीने के लिए गौरव स्थल पहुंचे और अनायास नजर एक पान के दुकान पर पड़ी जिसका नाम था "इंडियन पान पैलेस" और इस नाम को देखने के बाद मन में इस दुकान के संचालक से मिलने की इच्छा जागृत हुई और संयोग से उनसे मुलाकात हो भी गयी और सीधे सरल, मृदुभाषी उमेश जी से बातचीत में पता चला की वे एक सच्चे देशभक्त हैं और लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना को पुनर्जागृत करने की तीव्र इच्छा रखते हैं | उमेश जी से बातचीत होती रही देश के वर्तमान राजनैतिक हालात के साथ साथ उनके द्वारा किये जाने वाले आगामी कार्यों के बारे में भी बात हुई | उसके बाद मैंने बताना प्रारंभ किया की हमारे द्वारा एक निस्वार्थ गैर जातीय, गैर धार्मिक गैर राजनैतिक, जन्चेत्नात्मक आन्दोलन का सञ्चालन किया जा रहा है जिसका एकमात्र उद्देश्य देश की जनता को एकता अखंडता और भारतीयता के एकमात्र सूत्र में पिरोना है वाकई "अभियान भारतीय" के बारे में जानकर उनकी ख़ुशी और संतुष्टि का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने हमें गले लगा लिया और वे कह उठे वाकई आज मुझे जीने का मकसद मिल गया |
{उमेश जी द्वारा "अभियान भारतीय" के लिए प्रकाशित पाम्पलेट }
                    निश्चित ही यह पल हमारे लिए भी बेहद खुशनुमा और उत्साहवर्धक पल था क्योंकि बहुत समय के बाद हमें एक ऐसा व्यक्ति मिला था जिसने हमारी भावनाओं को समझा, हमारे प्रयास को सराहा और जिसने स्वयं इस महाभियान से जुड़ने और उसे सफल बनाने का संकल्प लिया |  उमेश जी से मिलकर, उन्हें अभियान भारतीय के उद्देश्यों से अवगत कराकर हमलोग रायपुर आ गए और दो तीन महीनों तक बेहद व्यस्तता के चलते उनसे संपर्क नहीं हो पाया, गणतंत्र दिवस के दिन मुझे किंचित कारणों से पुनः दुर्ग जाना पड़ा और गौरव पथ में मैंने उमेश जी से मिलना सुनिश्चित किया सौभाग्यवश उनसे मुलाकात हो भी गयी | इस बार उमेश जी बड़े उत्साह में नजर आ रहे थे और उनके चेहरे पर ख़ुशी की लकीरें साफ नजर आ रही थी | इन दो तीन महीनों के दौरान उमेश जी न केवल अपने दुकान को "अभियान भारतीय" के उद्देश्य वाक्य और तस्वीरों से सुसज्जित कर चुके थे वरन उन्होंने "अभियान भारतीय" को हजारों लोगों तक पहुंचा दिया था, आज स्वस्फूर्त वे पचास हजार पाम्पलेट छपवाकर बाँट चुके हैं, मोबाईल सन्देश और भी न जाने कितने ही माध्यम से उन्होंने इस महाभियान को जन जन तक पहुंचा दिया है और जिले में "अभियान भारतीय" को उमेश जी के कारण अच्छी खासी लोकप्रियता हासिल होने लगी है |
{असाधारण व्यक्तित्व के धनी भाई उमेश यादव जी }
                       उमेश जी हमारे लिए वाकई प्रेरणाश्रोत हैं वे दिनभर अपने व्यवसाय के साथ ही हर आने जाने वाले लोगों को "अभियान भारतीय" के विषय में बताना नहीं भूलते इसके साथ ही वे अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी बेहद उत्साह के साथ संलग्न रहते हैं | उमेश जी का यह कार्य अनुकर्णीय एवं युवा वर्ग के लिए प्रेरनादायी है   वाकई ऐसे लोग बिरले ही मिलते हैं जो गंभीरता के साथ अपने राष्ट्र के लिए कुछ करने का ज़ज्बा रखते हैं  जिन्हें अधिकारों के साथ अपने नैतिक कर्तव्यों का भी भान हो और उन कर्तव्यों के निर्वहन के लिए जो सतत परिश्रम करते रहते हैं |
अब समय आ गया है और हम समस्त देशवासियों को एक े होकर देश के विकास की मुख्यधारा से जुड़ना होगा और भारत को विश्वगुरु के पद पर पुनः प्रतिष्ठित करने में अपना योगदान देना होगा े | आज मै इस पोस्ट के माध्यम से समस्त आत्मीय जनों से विनम्र अपील करना चाहता हूँ की क्यों न  हम भी अपने व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय देश के लिए निकालें और "भारतीयता" के सन्देश को जन जन तक प्रसारित करने में अपना भी योगदान सुनिश्चित करें क्योंकि जब भारत एक होगा तभी शक्तिशाली और वैभवशाली बन सकेगा और तभी हम सभी सच्चे "भारतीय" कहला सकेंगे मित्रों हमारे देश का विकास हमारे हाथों में है और अब हर व्यक्ति को जागृत होना होगा और स्वयं के विकास के साथ ही देश के विकास के बारे में भी चिंतन करना होगा तभी हमारा यह महाभियान सफल होगा |
                                                                बहुत हुए आपस के विवाद  
                                                              मिला हमें क्या दुःख अवसाद 
                                                               आओ मिलकर लें संकल्प 
                                                               रहेगा भारत सदा आबाद 
                                                    जय हिंद जय भारत जय अभियान भारतीय

Sunday, January 9, 2011

जन जन का नारा है - "अभियान भारतीय" हमारा है....!!

                          

( युवा साथियों ने अभियान भारतीय को जन जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया )
                 वन्दे मातरम, समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
                देरी की माफ़ी के साथ ही नववर्ष की शुभकामनायें स्वीकार करें | बिता वर्ष हमारे लिए आशातीत सफलताओं एवं खुशियों से भरा रहा इसी वर्ष में आप सभी के आशीर्वाद, मार्गदर्शन एवं स्नेह से देश की जनता को एकता अखंडता और भारतीयता के सूत्र में पिरोने हेतु एक निस्वार्थ, गैर जातीय, गैर राजनैतिक, गैर धार्मिक जन्चेत्नात्मक आन्दोलन "अभियान भारतीय" की कल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया | अल्प काल में ही यह अभियान अपनी सार्थकता को सिद्ध करते हुए अपार  लोकप्रियता के साथ इंटरनेट एवं अन्य प्रचार साधनों के माध्यम से देश के बड़े हिस्से में लोगों द्वारा न केवल जाना पहचाना गया वरन आपके और हमारे इस प्रयास को आत्मीयता के साथ जन जन के द्वारा स्वीकार भी किया गया | आप सभी के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के कारण ही यह महाभियान न केवल इंटरनेट पर वरन गली-कुचों, चौक-चौराहों, बस्ती-बस्ती तक भी पहुँच सका है और "भारतीयता" की भावना को जन जन तक पहुँचाने के कार्य में संलग्न है | हम आभारी हैं अपने समस्त आत्मीय जनों एवं मित्रों के जिनके सहृदय सहयोग के बिना यह कतई संभव न था एवं उनसे सहृदय सहयोग को बनाये रखने की विनम्र प्रार्थना भी हैं |
(अब अभियान भारतीय को अख़बारों में भी स्वस्फूर्त स्थान प्राप्त होने लगा है )
                       छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों में "अभियान भारतीय" को हर जाती हर धर्म हर आयु हर वर्ग के द्वारा समर्थन प्रदान किया जा रहा है गौर तलब है की विगत दिनों छत्तीसगढ़ के पलारी में शिविर के माध्यम से लोगों को "अभियान भारतीय" से रूबरू कराया गया वहीँ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, मुक्तिबोध और बलदेव प्रसाद मिश्र की नगरी राजनांदगांव में भी "अभियान भारतीय" के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं से "भारतीयता" की भावना को जन जन तक पहुँचाने की अपील की गयी यही नहीं देश की राजधानी दिल्ली में जहाँ भाई सृंजय ठाकुर ने "अभियान भारतीय" को गति प्रदान की वहीँ कर्णाटक में भाई चन्द्र कान्त कुकरेती, तमिलनाडु में भाई आशीष दीवान, बिहार में भाई अजय कुमार माचो एवं विक्रम सिंह राजपूत, राजस्थान में संदीप तिवारी, उड़ीसा में सुजाता मैथ्यू जी ने भी इस महाभियान को जन जन तक पहुँचाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है | आशा ही नहीं वरन विश्वास है की हमने जो भारतीयता की ज्योत को प्रखरता प्रदान करने का बीड़ा उठाया है, उसमे हम अवश्य सफल होंगे और हमारा यह महाभियान निरंतर प्रगति के पथ पर संचालित होकर जन जन में भारतीयता का संचार करता रहेगा |
(वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य प. शिवकुमार शास्त्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए )
                  मुझे आप सभी को बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है की अब तक जहाँ भी "अभियान भारतीय" के द्वारा कार्यक्रमों एवं शिविरों का आयोजन किया गया वहां युवाओं में जोश और उत्साह देखते बनता है साथ ही हमारे इस अभियान को बुजुर्गों के द्वारा भी आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदान करने का दौर अनवरत जारी है जिसने हममे अभूतपूर्व उत्साह का संचार किया है | पलारी के शिविर में जहाँ सैकड़ों छात्र छात्राओं ने एकत्रित होकर "जन जन का नारा है अभियान भारतीय हमारा है" के नारे के साथ इस महाभियान को अपने स्तर पर प्रसारित करने का संकल्प लिया वहीँ साहित्य नगरी राजनांदगांव में "अभियान भारतीय आपके द्वार" कार्यक्रम में भी लोगों ने इससे जुड़कर इसकी सफलता की कामना की | इसके साथ ही अब तक हमारे द्वारा इंटरनेट पर प्रसारित विडियो को भी सैकड़ों लोगों ने न केवल देखा वरन इसके माध्यम से इस महाभियान के उद्देश्यों से अवगत हुए तथा उन्हें हर बंधन हर भेदभाव से मुक्त होकर "भारतीय" बनने की प्रेरणा भी मिली निश्चित ही यह कार्य परम आदरणीय एस. एम्. हबीब साहब, रामकुमार साहू "मयारू" जी, ललित मिश्र जी, अनिल भतपहरी जी,गिरीश दुबे जी, आतिश साहू जी,  मीर अली मीर जी, प्रीता लाल जी, जनाब बाबु खां साहब जैसे महानुभावों के सहयोग, मार्गदर्शन एवं उनके आशीर्वाद के बिना संभव नहीं था मै उनके प्रति भी ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ |
                                 मै अंत में आप सभी से यह अवश्य कहना चाहता हूँ की  "अभियान भारतीय" के माध्यम से हमने "भारतीयता" के प्रसार का जो संकल्प लिया है इसे भविष्य में भी हम इसी उत्साह के साथ जारी रखेंगे एवं भारतीयता के ज्योत को प्रखरता प्रदान कर अपने भारत को विश्वगुरु के स्थान पर पुनः प्रतिष्ठित करेंगे केवल आप सभी अपना आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन हमपर अनवरत बनाये रखें यही अपेक्छा भी है साथ ही अपील भी !!
                                                      देखा है एक ख्वाब जो आज हर धड़कन में है
                                                       एक नया भारत बनाने का इरादा मन में है.....
                                                     जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय
गौरव शर्मा "भारतीय"
09301988885

Thursday, December 23, 2010

अभियान भारतीय तृतीय...



 वन्दे मातरम,

समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब सतश्री अकाल!!

                      आज आपको सूचित करते हुए ख़ुशी हो रही है की आपके और हमारे द्वारा संचालित निस्वार्थ, गैर जातीय, गैर राजनैतिक, गैर धार्मिक जन्चेत्नात्मक आन्दोलन "अभियान भारतीय" निरंतर एकता, अखंडता एवं "भारतीयता" के सन्देश को जन जन तक प्रसारित कर रही है |

                       "अभियान भारतीय" अब न केवल इंटरनेट में वरन गाँव गाँव, बस्ती बस्ती में भी पहुँच रही है जहाँ हर जाती, हर धर्म, हर आयु, हर वर्ग के लोगों का स्नेह, समर्थन, आशीर्वाद इस महाभियान को प्राप्त हो रहा है | इसी क्रम में "अभियान भारतीय" का तृतीय विडियो आपको प्रेषित कर रहा हूँ | विश्वास है की जिस प्रकार अब तक आप सभी से हमें आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है भविष्य में भी प्राप्त होता रहेगा |

जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय ...!!

गौरव शर्मा "भारतीय "
09301988885

Wednesday, November 24, 2010

भारतीयता की विस्मृति क्यों...


            वन्दे मातरम, समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की और से आदाब, सतश्री अकाल, सादर प्रणाम !!
                           आप सभी सम्मानीय जनों को सूचित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है की हमारा, आपका, जन जन का निस्वार्थ, गैर राजनैतिक गैर जातीय, गैर धार्मिक जन्चेत्नामक आन्दोलन, "अभियान भारतीय" निरंतर प्रगति एवं लोकप्रियता के पथ पर संचालित है | हर आयु, हर वर्ग, हर जाती हर धर्म से समर्थन एवं सहयोग प्राप्त हो रहा है | मै पुनः इस महाभियान को जन जन तक पहुँचाने में तन, मन, धन से जुटे सभी आत्मीय जनों के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ एवं भविष्य में भी उनके सहृदय सहयोग को बनाये रखने की अपील करता हूँ |
                           आज मन में कुछ सवाल हैं उन्हें आप तक पहुँचाने के लिए उपस्थित हूँ | आज मेरी मुलाकात एक  4-5 वर्षीय बालक से हुई जो सच में बड़ा तीव्र बुद्धि का था और बड़ी बेबाकी के साथ हर प्रश्न का उत्तर दे रहा था वह भी फर्राटेदार अंग्रेजी में, उसके साथ उसके माता पिता भी थे जो उसकी विद्वता पर मुस्कुरा रहे थे और अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे | जानकर आश्चर्य होगा की वह बालक बड़ी बेबाकी के साथ अंग्रेजी में किये गए प्रश्नों का उत्तर तो दे पा रहा था पर जब उससे हिंदी में कुछ पूछा जाता तो वह दिन में तारे गिनने लगता और उसके माता पिता फिर से बड़े गर्व के साथ बताते की यह इंग्लिश मीडियम का स्टुडेंट है, इसलिए ठीक से हिंदी नहीं बोल पाता हाँ इंग्लिश में आप जो भी पूछ लें यह बता देगा, मै जब से उस बालक से मिला हूँ मन में यह प्रश्न बार बार आता है की क्या यही हैं मेरे देश का भविष्य ? क्या हम इन्ही के बल पर अपने भारत को विश्वगुरु और विश्व महाशक्ति बनाने का स्वप्न देख रहे हैं ? आज आवश्यकता है, चिंतन कर इस निष्कर्ष पर पहुँचने कि, की क्या हम देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर रहे हैं ? मेरे नजर में दोष उस बालक का नहीं दोष है माता पिता और इस व्यवस्था का जहाँ आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी हम अंग्रेजी के गुलाम बने नजर आते हैं आखिर क्यों हम अपनी ही मातृभाषा, अपनी संस्कृति अपनी सभ्यता से भागने की कोशिश करते हैं |
                          मै स्वयं युवा हूँ और मुझे कहने में कोई संकोच नहीं की आज की हमारी युवा पीढ़ी भी पाश्चात्य संस्कृति के अन्धानुकरण में अपनी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों को भूलती जा रही है हमारे युवाओं को फ्रेंडशिप डे और वेलेंटाइन डे तो याद रहता है पर राष्ट्रीय महापुरुषों की जन्मतिथि और पुण्यतिथि नहीं | केवल भारत में रहने मात्र से हम भारतीय नहीं हो जाते हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा |
                      मै इस पोस्ट के माध्यम से यह अपील भी करना चाहता हूँ की हमें बचपन से बच्चों को अपनी भाषा, अपनी संस्कृति से अवगत कराना होगा देशभक्ति की भावना को उनमे समाहित करना होगा और तब यह देश अपने विश्वगुरु के पद पर पुनः प्रतिष्ठित हो सकेगा | "अभियान भारतीय" एक प्रयास है हमारे भीतर विस्मृत होती भारतीयता की भावना को पुनर्जीवित करने का, हमारा संकल्प है की हम इस अभियान के माध्यम से न केवल देशवासियों को सर्वप्रथम "भारतीय" बनने की प्रेरणा दें वरन उन्हें अपने संस्कार अपनी संस्कृति और सभ्यता से परिचित भी कराएँ |अंत में मै आपसे आव्हान करता हूँ की इस महाभियान में शामिल होकर "भारतीयता" के सन्देश को जन जन तक पहुंचावें और भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने के स्वप्न को साकार करें |                          
                                         अभियान भारतीय को जन जन तक पहुँचाना है,
                                                     भारत को विश्वगुरु बनाना है.
                                          "जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय"

Tuesday, November 16, 2010

सच मेरा भारत सबसे महान...

{सभी चित्र गूगल से साभार}





      वन्दे मातरम,  समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने  गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से  सादर प्रणाम, आदाब एवं सतश्री अकाल !!
        आज तुलसी पूजा, ईद उल जुहा  एवं प्रकाशपर्व समस्त देशवासी बेहद आत्मीयता एवं हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं, मै आपका अपना "भारतीय" अपने एवं "अभियान भारतीय" से जुड़े तमाम मित्रों की ओर से समस्त आत्मीय जनों को तुलसी पूजा, ईद उल जुहा एवं प्रकाशपर्व की हार्दिक बधाई एवं अशेष शुभकामनायें प्रेषित करता हूँ |      
        आज मन बेहद प्रसन्न है और गर्व के साथ यह उद्घोष कर रहा है की "मेरा भारत महान" वाकई ऐसा हमारे भारत में ही संभव है की विभिन्न धर्मों के लोग भारतीयता के रंग में रंगकर एक साथ त्यौहार मनाएं |
                                  यही भारत की महानता है, यही भारत की पहचान है 
                                            सारे धर्म सामान हैं, सारे धर्म महान है
                                         जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय