Sunday, August 14, 2011
Saturday, June 18, 2011
सब टीवी का अनुकर्णीय प्रयास
समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की और से सादर नमस्कार, आदाब, सतश्री अकाल...
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| {चित्र गूगल से साभार} |
वर्तमान परिवेश में जहाँ व्यक्ति दिनोंदिन अपने जीवनचर्या में व्यस्त होता जा रहा है वहीं वह देश और देशभक्ति की भावना से भी दूर होता चला जा रहा है और अब तो स्थिति यह है की देश और देशभक्ति भी हमें केवल दो ही दिन याद आती है और बाद में न जाने कहाँ छू मंतर हो जाती है....इसी विस्मृति के निवारण और देशभक्ति की भावना के शशक्तिकरण हेतु "सब टीवी" एक अनुकर्णीय प्रयास करने जा रहा है, प्रत्येक रविवार शाम 8 बजे से देशभक्ति फिल्मों का प्रसारण सब टीवी पर किया जायेगा | निश्चित ही हम सभी को अपने देश से बेहद लगाव है हम सभी देशभक्त हैं पर वर्तमान में विभिन्न वजहों के चलते भारतीयता एवं देशभक्ति के भावना की विस्मृति स्पष्ट दृष्टिगत है | ऐसे समय में सब टीवी द्वारा देशभक्ति फिल्मों के प्रसारण का निर्णय वाकई स्वागतयोग्य एवं प्रसंसनीय है |
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| {चित्र गूगल से साभार} |
मै समस्त आत्मीय जनों से विशेषकर देश के भावी कर्णधार, युवा साथियों से अपील करता हूँ की वे अपने व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर सब टीवी पर प्रसारित किये जाने वाले देशभक्ति फिल्मों को अवश्य देखें क्योंकि इन फिल्मों में हमारी भावनाएं हैं, हमारी माटी की सुगंध है और हमें अपने देश, अपने भारत को और उसकी वास्तविकता को जानने और पहचानने का इससे अच्छा अवसर नहीं मिल सकता | मै पुनः सब टीवी को उसके इस अनुकर्णीय प्रयास के लिए अभियान भारतीय परिवार जो विगत 10 माह से भारतीयता की भावना के शशक्तिकरण की दिशा में कार्यरत है और सदैव रहेगा की ओर से साधुवाद देता हूँ और यह विशवास दिलाता हूँ की इस सकारत्मक प्रयास में अभियान भारतीय परिवार सदैव आपके साथ है......जय हिंद जय भारत!!
Sunday, June 5, 2011
अभियान भारतीय देशभर से एकत्र करेगा "निंदा कथन"
बाबा रामदेव के शांतिपूर्ण सत्याग्रह के खिलाफ दमनात्मक पुलिसिया कार्यवाही से अभियान भारतीय हतप्रभ है. दिल्ली के युवा साथी सृंजय ठाकुर के नेतृत्व में अभियान भारतीय का एक प्रतिनिधि मंडल आदरणीय बाबा जी के सत्याग्रह में शामिल रहा. और बर्बर पुलिसिया कार्यवाही का चश्मदीद भी. हमारे साथी सृंजय ठाकुर और साथियों के अनुसार बच्चों, वृद्धों और औरतों पर दिल्ली पुलिस के हज़ारों जवानॉ का आधीरात को आकर टूट पढ़ना देखकर उनकी नज़रों के आगे जलिया वाला बाग में अंग्रेजों द्वारा किये गये इतिहास के सर्वाधिक बर्बर दुष्कृत्य की कल्पना जैसे साकार हो आई. पूरे मैदान में चीखपुकार मची हुई थी. लोग घसीट कर बाहर सड़क में डाल दिए जा रहे थे. पुलिस का यह आरोप कि सत्याग्रहियों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया, नितांत झूठा और कपटपूर्ण है. लाठियां खाकर और घसीटे जाने के बावजूद लोग बाबा रामदेव के शान्ति बनाए रखने के आवाहन पर ही अमल करते रहे.
अभियान भारतीय इस दमनात्मक कार्यवाही की घोर निंदा करता है और माननीय प्रधान मंत्री से दरख्वास्त करता है कि इस अमानवीय घटना की उच्चस्तरीय जांच कराये जायें कि आखिर शांतिपूर्ण अनशन में बैठे मासूम जन पर पुलिस का यह कहर किसके इशारों पर बरपा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर के भारत की लोकतंत्र पर आस्था को पुनर्स्थापित करे. क्योंकि आज की तारीख में इस तानाशाही रवैय्ये ने भारत के लोकतांत्रिक व्यवस्था को गहरा आघात पहुंचाया है.
अभियान भारतीय देश के कोने कोने में सक्रीय अपने सम्माननीय सदस्यों से आदरणीय रामदेव बाबा के पदचिह्न पर चलने के साथ ही देश के बुद्धिजीवियों और चिंतकों सहित देश के युवा साथियों से इस घटना के खिलाफ “निंदा कथन” एकत्र करने का आवाहन करता है ताकि अधिक से अधिक संख्या में प्रेषित कर जन गण मन की भावनाओं से भारत की प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति को अवगत कराया जा सके.
***जय हिंद जय भारत***
Tuesday, April 12, 2011
उत्साहवर्धक सन्देश
समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
सर्वप्रथम मै समस्त आत्मीय जनों से देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ | दरअसल अभियान भारतीय परिवार का प्रत्येक सदस्य इन दिनों अभियान भारतीय को जन जन तक पहुंचाने और भारतीयता की भावना को प्रखरता प्रदान कर इस महाभियान को सफल बनाने हेतु तन, मन, धन से संलग्न है | कोई सन्देश प्राप्त कर रहा है तो कोई विभिन्न स्थानों पर जाकर इस महाभियान के विषय में लोगों को जानकारी प्रदान कर इसमें शामिल होने हेतु प्रेरित करने में लगा है वहीँ हमारे कुछ युवा साथीगण स्कूलों और कालेजों में जाकर देश के भावी कर्णधारों को अभियान भारतीय से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं वाकई इस निस्वार्थ,गैर राजनैतिक, गैर जातीय, गैर धार्मिक, जन्चेत्नात्मक महान्दोलन को जन जन तक पहुंचाने और जन जन में भारतीयता की भावना का संचार करने हेतु हमारे साथीगण शिद्दत के साथ जुटे हुए हैं और मुझे आप सभी को यह बताते हुए आत्मीय प्रसन्नता हो रही है की यह प्रयास आजकल रंग लाने लगा है |
अभियान भारतीय को देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापक जनसमर्थन, जनविश्वास और देश के समस्त वर्गों से सहृदय सहयोग प्राप्त हो रहा है और इसका प्रत्यक्छ प्रमाण हैं वे सन्देश जो हमें पत्र, इमेल और न जाने कितने माध्यमों से हमें प्राप्त हो रहे हैं | इन संदेशों में लोगों ने अपनी भावनाओं को अपने विचारों को कितने बेहतरीन तरीकों से प्रस्तुत किया है किसी ने अपनी बात कहने के लिए कविता को माध्यम बनाया है तो किसी ने सविस्तार वर्णन हेतु निबंध का सहारा लिया है और सर्वाधिक रोचक तथ्य यह है की इन समस्त संदेशों में हमें भारतीयता के जिवंत दर्शन होते हैं निश्चित रूप से ये सन्देश ये विचार हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं इसके साथ ही विभिन्न सुझावों एवं मार्गदर्शन भी इस महाभियान के कुशल सञ्चालन हेतु अत्यंत आवश्यक है |
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| {अतिश भाई अपने दुकान परअभियान भारतीय हेतु सन्देश प्राप्त करते हुए} |
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| {अभियान भारतीय हेतु प्राप्त सन्देश} |
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| {सन्देश पुस्तिका में अपने सन्देश लिखते एक सज्जन } |
अभियान भारतीय को प्राप्त होने वाले इन संदेशों, विचारों ने वाकई हमें और व्यक्तिगत रूप से मुझे भारत को, अपने महान देश को जानने और समझने का बेजोड़ अवसर उपलब्ध कराया है | यहाँ यह बताना आवश्यक है की हर दिन हमें देश के किसी न किसी हिस्से से फोन पर भी अनेक सन्देश प्राप्त होते हैं और रोज़ इस महाभियान से नए नए लोग जुड़ते चले जाते हैं जन जन से प्राप्त इन संदेशों, शुभकामनाओं, समर्थन, सहयोग, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से ही हममे अभूतपूर्व उत्साह का संचार होता है और हमें कार्य करने हेतु नयी उर्जा मिलती है अतः मै अपने समस्त आत्मीय जनों से सादर निवेदन करता हूँ की आप अपने सन्देश, अपने विचार, अपनी बातें, अपने महत्वपूर्ण सुझाव हमें अवश्य प्रेषित करते रहें जिससे हम अपने उद्देश्य में, भारतीयता की भावना को जन जन में पुनर्जागृत करने के उद्देश्य में सफल हो सकें और हमारा यह महान देश विश्वगुरु के पद पर पुनः प्रतिष्ठित हो सके |
अपने सन्देश निम्नांकित पते पर अवश्य प्रेषित करें :-
गौरव शर्मा "भारतीय"
शुभाष नगर प्रोफ़ेसर कालोनी रायपुर {छ.ग}
09301988885
abhiyanbhartiya.211@gmail.com ***जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय***
Wednesday, March 23, 2011
आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से देरी की माफ़ी के साथ ही समस्त आत्मीय जनों को सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
आज बड़े दिनों बाद आप सभी से मुखातिब होने का अवसर मिला है, बड़ी ख़ुशी होती है मुझे जब मै अपने शुख, दुःख, अपनी आप बीती आप सभी के साथ बांटता हूँ | आज भी मै कुछ बातें आपको बताने कुछ बातें आपसे जानने के लिए उपस्थित हूँ | सर्वविदित है की हम एक प्रयास कर रहे हैं, देश की जनता को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास जिसे आपके और हमारे द्वारा "अभियान भारतीय" का नाम दिया गया है और हम यह भी जानते हैं की हमारा यह प्रयास निःस्वार्थ गैर राजनैतिक, गैर धार्मिक, गैर जातीय है | हमारा उद्देश्य केवल जन जन में "भारतीयता" की भावना को पुनर्जागृत करना है जिसकी विस्मृति वर्तमान में सर्वत्र दृष्टिगत है और इसी विस्मृति का परिणाम है विभिन्न समस्याएं जिसका सामना हम सभी कर रहे हैं | मै हिन्दू, मै मुस्लिम, मै सिख, मै इसाई, मै मराठी, मै बंगाली, मै राजस्थानी, मै बिहारी यहाँ तक की हम मै भाजपाई, मै बसपाई, मै कांग्रेसी और भी ना जाने कितने अहंकारपूर्ण विभाक्तिकारक उद्बोधनों में विभक्त हैं पर इन सभी के बिच "मै भारतीय" कहीं नजर नहीं आता | "अभियान भारतीय" का प्रयास होगा की हम जन जन को फिर से सारे भेदभाव से मुक्त होकर "सबसे पहले मै भारतीय" इस बात को स्वीकारने की ओर प्रेरित करें, हमारा यह भी प्रयास होगा की हम एक भारतीय के मन में दुसरे भारतीय के प्रति प्रेम, बंधुत्व, भाईचारा की भावना को पुनर्जागृत करें|
"पुनर्जागृत" शब्द का प्रयोग मै इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि जब हमारा देश गुलाम था, जब हमें स्वतंत्रता की दरकार थी और उस समय जब हमारे द्वारा कोई आवाज़ उठाई जाती थी तो वह केवल एक भारतीय की आवाज़ होती थी | तब हम एक थे, केवल भारतीय थे कुछ और नहीं और इसी एकता के बल पर हमने आजादी प्राप्त की | अब जरा सोचिये की जब हम उस समय एक थे तो आज क्यों हमारा देश बंट रहा है और आज हम क्यों फिर से एक नहीं हो सकते जबकि आज के परिवेश में तो हमें स्वतंत्रता की लड़ाई से भी बड़ी लड़ाई लड़नी है, भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई, महंगाई के विरुद्ध लड़ाई, आतंवाद के विरुद्ध लड़ाई, और न जाने देश के लिए हमें कितनी लड़ाइयाँ लड़नी है | क्या हम आपस में बंटकर इन लड़ाइयों को लड़ सकते हैं ? क्या हम आपस में बंटकर देश को इन मुश्किलों से आज़ाद करा सकते हैं ? क्या हम आपस में बंटकर अपने देश अपने भारत को विश्गुरु के स्थान पर जहाँ वह सदैव प्रतिष्ठित रहा वहां पुनः प्रतिष्ठित करा सकते हैं ? नहीं, नहीं, कभी नहीं हम आपस में ही विभक्त होकर यह कार्य कदापि नहीं कर सकते, हमें फिर से एक होना होगा और एकता के बल पर इन बुराइयों पर विजय पाकर ही हम अपने भारत को विश्वगुरु के रूप में देख सकेंगे |
एक राष्ट्र-एक आवाज़,"हम भारतीय हैं" यही हमारा उद्देश्य वाक्य है और आज आवश्कता है इसे सार्थक करने की | निश्चित रूप से हमारे इस महाभियान को देश के हर वर्ग ने अपना समर्थन, मार्गदर्शन आशीर्वाद अब तक प्रदान किया है और आशा ही नहीं वरन विश्वास है की भविष्य में भी करते रहेंगे पर आज मै अपने समस्त सम्मानीय आत्मीय जनों से साधिकार यह अपील करता हूँ की आप न केवल हमें समर्थन प्रदान करें वरन "भारतीयता" की भावना को जन जन तक पहुँचाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान अवश्य देवें | जिस भी माध्यम से हो सके इसे अधिकाधिक जनों तक प्रसारित करें | आपके अपने अभियान भारतीय से अधिकाधिक जनों को जोड़ें, लोगों को सर्वप्रथम "भारतीय" बनने की ओर प्रेरित करें, भारतीयता को राष्ट्रधर्म के रूप में अपनाने की ओर प्रेरित करें तभी आपका और हमारा यह महाभियान सार्थक और सफल होगा | मै सादर अनुरोध आप सभी से करना चाहता हूँ की अगर आप अभियान भारतीय के लिए अपने सन्देश, अपने विचार, अपनी महत्वपूर्ण सलाह हम तक पहुँचाना चाहते हैं तो आप कृपया निम्नांकित पते पर हमें अवश्य प्रेषित करें:-
गौरव शर्मा "भारतीय" {gouravsharma.2222@gmail .com , abhiyanbhartiya .211@gmail.com}
09301988885
शुभाष नगर प्रोफ़ेसर कॉलोनी रायपुर{छ.ग}
"यह आपका अपना अभियान है अतः आपसे सहयोग की अपेक्छा रहेगी"
जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय
"पुनर्जागृत" शब्द का प्रयोग मै इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि जब हमारा देश गुलाम था, जब हमें स्वतंत्रता की दरकार थी और उस समय जब हमारे द्वारा कोई आवाज़ उठाई जाती थी तो वह केवल एक भारतीय की आवाज़ होती थी | तब हम एक थे, केवल भारतीय थे कुछ और नहीं और इसी एकता के बल पर हमने आजादी प्राप्त की | अब जरा सोचिये की जब हम उस समय एक थे तो आज क्यों हमारा देश बंट रहा है और आज हम क्यों फिर से एक नहीं हो सकते जबकि आज के परिवेश में तो हमें स्वतंत्रता की लड़ाई से भी बड़ी लड़ाई लड़नी है, भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई, महंगाई के विरुद्ध लड़ाई, आतंवाद के विरुद्ध लड़ाई, और न जाने देश के लिए हमें कितनी लड़ाइयाँ लड़नी है | क्या हम आपस में बंटकर इन लड़ाइयों को लड़ सकते हैं ? क्या हम आपस में बंटकर देश को इन मुश्किलों से आज़ाद करा सकते हैं ? क्या हम आपस में बंटकर अपने देश अपने भारत को विश्गुरु के स्थान पर जहाँ वह सदैव प्रतिष्ठित रहा वहां पुनः प्रतिष्ठित करा सकते हैं ? नहीं, नहीं, कभी नहीं हम आपस में ही विभक्त होकर यह कार्य कदापि नहीं कर सकते, हमें फिर से एक होना होगा और एकता के बल पर इन बुराइयों पर विजय पाकर ही हम अपने भारत को विश्वगुरु के रूप में देख सकेंगे |
एक राष्ट्र-एक आवाज़,"हम भारतीय हैं" यही हमारा उद्देश्य वाक्य है और आज आवश्कता है इसे सार्थक करने की | निश्चित रूप से हमारे इस महाभियान को देश के हर वर्ग ने अपना समर्थन, मार्गदर्शन आशीर्वाद अब तक प्रदान किया है और आशा ही नहीं वरन विश्वास है की भविष्य में भी करते रहेंगे पर आज मै अपने समस्त सम्मानीय आत्मीय जनों से साधिकार यह अपील करता हूँ की आप न केवल हमें समर्थन प्रदान करें वरन "भारतीयता" की भावना को जन जन तक पहुँचाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान अवश्य देवें | जिस भी माध्यम से हो सके इसे अधिकाधिक जनों तक प्रसारित करें | आपके अपने अभियान भारतीय से अधिकाधिक जनों को जोड़ें, लोगों को सर्वप्रथम "भारतीय" बनने की ओर प्रेरित करें, भारतीयता को राष्ट्रधर्म के रूप में अपनाने की ओर प्रेरित करें तभी आपका और हमारा यह महाभियान सार्थक और सफल होगा | मै सादर अनुरोध आप सभी से करना चाहता हूँ की अगर आप अभियान भारतीय के लिए अपने सन्देश, अपने विचार, अपनी महत्वपूर्ण सलाह हम तक पहुँचाना चाहते हैं तो आप कृपया निम्नांकित पते पर हमें अवश्य प्रेषित करें:-
गौरव शर्मा "भारतीय" {gouravsharma.2222@gmail .com , abhiyanbhartiya .211@gmail.com}
09301988885
शुभाष नगर प्रोफ़ेसर कॉलोनी रायपुर{छ.ग}
"यह आपका अपना अभियान है अतः आपसे सहयोग की अपेक्छा रहेगी"
जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय
Tuesday, March 1, 2011
अश्रुपूरित श्रद्धांजलि...
समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की और सेसदर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
आज आप सभी को मुझे अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि "अभियान भारतीय" परिवार के वरिष्ठतम सदस्य एवं हमारे आशीर्वादक पंडित शिव कुमार शाश्त्री जी का छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव में आकस्मिक निधन हो गया है | पंडित जी छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं छत्तीसगढ़ में जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे | पंडित जी के निधन से समूचा "अभियान भारतीय" परिवार शोकमग्न है | आज कुछ कह पाना कुछ लिख पाना बेहद मुश्किल है, पंडित जी का इस प्रकार हमें छोड़कर चले जाना न केवल "अभियान भारतीय" परिवार की, नगर की, प्रदेश की छति है वरन यह मेरी व्यक्तिगत छति भी है इस घटना ने हम सभी को स्तब्ध कर दिया है | वाकई उनके जाने से जो छति हुई है उसकी पूर्ति कर पाना असंभव है |
पंडित जी ने न केवल राजनीती वरन समाजसेवा और भी न जाने कितने ही माध्यमों से जरुरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहा करते थे, कभी भी उन्हें पद अथवा प्रतिष्ठा की चाह नहीं रही, उन्होंने जनसंघ के शुरुआती दौर में छत्तीसगढ़ में अपने अभिन्न मित्र एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ मिलकर जनसंघ की नीव रखी और तमाम उम्र वे अपनी सिद्धांतों पर चलकर जनसामान्य की सेवा को समर्पित रहे | उदारमना देश भक्त पंडित जी प्रदेश के वरिष्ठतम एवं ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य भी जाने जाते रहे हैं |
आज वह दिन मुझे अनायाश याद आ रहा है जब हम "अभियान भारतीय" के सञ्चालन की अनुमति एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पंडित जी के पास गए थ, उन्होंने हमें न केवल प्रसन्न होकर अनुमति एवं आशीर्वाद प्रदान किया वरन भारत के इतिहास और अपने महत्वपूर्ण अनुभवों से अवगत भी कराया, व्यस्त होने के बावजूद घंटों अपने पास बिठाकर वे हमारा मार्गदर्शन करते रहे | वाकई उनसे हमें हमेशा आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिला करता था आज उनके चले जाने के खबर ने हमें झकझोर कर रख दिया है | पंडित जी का निधन एक स्वर्णिम युग का अंत है उनके जैसे लोग इस धरती पर विरले ही आते हैं | मै "अभियान भारतीय" परिवार के तमाम सदस्यों कि और से परम श्रद्धेय शिवकुमार शाश्त्री जी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और इश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे पंडित जी की आत्मा को चिर शांति एवं हम सभी को इस दुःख की घडी को सहने की शक्ति प्रदान करें....
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| {पंडित शिव कुमार शाश्त्री जी } |
पंडित जी ने न केवल राजनीती वरन समाजसेवा और भी न जाने कितने ही माध्यमों से जरुरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहा करते थे, कभी भी उन्हें पद अथवा प्रतिष्ठा की चाह नहीं रही, उन्होंने जनसंघ के शुरुआती दौर में छत्तीसगढ़ में अपने अभिन्न मित्र एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ मिलकर जनसंघ की नीव रखी और तमाम उम्र वे अपनी सिद्धांतों पर चलकर जनसामान्य की सेवा को समर्पित रहे | उदारमना देश भक्त पंडित जी प्रदेश के वरिष्ठतम एवं ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य भी जाने जाते रहे हैं |
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| {वह अविस्मरनीय अवसर जब हमने पंडित जी का आशीर्वाद प्राप्त किया था } |
Tuesday, February 8, 2011
पान का दुकान बना प्रेरणा का केंद्र
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| {उमेश यादव जी का दुकान जो पुर्णतः अभियान भारतीय के रंग में रंगा है } |
वन्दे मातरम, समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
कभी कभी साधारण व्यक्ति भी असाधारण व्यक्तित्व का धनी हो सकता है बस हमें उसे पहचानने की और उसकी प्रतिभा को निखारने की आवश्यकता होती है | विगत दिनों मेरा परिचय भी एक ऐसे ही साधारण से दिखने वाले असाधारण व्यक्तित्व के धनी श्री उमेश यादव जी से हुआ | उमेश यादव जी दुर्ग में पद्मनाभपुर के निवासी हैं और वहीँ गौरव पथ में "इंडियन पान पैलेस" के नाम से पान दुकान का सञ्चालन करते हैं | विगत दिनों जब हम "अभियान भारतीय" के प्रचार प्रसार के लिए दुर्ग में थे और दिनभर के कार्यक्रम निपटाने के बाद काफी थक चुके थे तो चाय पीने के लिए गौरव स्थल पहुंचे और अनायास नजर एक पान के दुकान पर पड़ी जिसका नाम था "इंडियन पान पैलेस" और इस नाम को देखने के बाद मन में इस दुकान के संचालक से मिलने की इच्छा जागृत हुई और संयोग से उनसे मुलाकात हो भी गयी और सीधे सरल, मृदुभाषी उमेश जी से बातचीत में पता चला की वे एक सच्चे देशभक्त हैं और लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना को पुनर्जागृत करने की तीव्र इच्छा रखते हैं | उमेश जी से बातचीत होती रही देश के वर्तमान राजनैतिक हालात के साथ साथ उनके द्वारा किये जाने वाले आगामी कार्यों के बारे में भी बात हुई | उसके बाद मैंने बताना प्रारंभ किया की हमारे द्वारा एक निस्वार्थ गैर जातीय, गैर धार्मिक गैर राजनैतिक, जन्चेत्नात्मक आन्दोलन का सञ्चालन किया जा रहा है जिसका एकमात्र उद्देश्य देश की जनता को एकता अखंडता और भारतीयता के एकमात्र सूत्र में पिरोना है वाकई "अभियान भारतीय" के बारे में जानकर उनकी ख़ुशी और संतुष्टि का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने हमें गले लगा लिया और वे कह उठे वाकई आज मुझे जीने का मकसद मिल गया |
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| {उमेश जी द्वारा "अभियान भारतीय" के लिए प्रकाशित पाम्पलेट } |
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| {असाधारण व्यक्तित्व के धनी भाई उमेश यादव जी } |
अब समय आ गया है और हम समस्त देशवासियों को एक े होकर देश के विकास की मुख्यधारा से जुड़ना होगा और भारत को विश्वगुरु के पद पर पुनः प्रतिष्ठित करने में अपना योगदान देना होगा े | आज मै इस पोस्ट के माध्यम से समस्त आत्मीय जनों से विनम्र अपील करना चाहता हूँ की क्यों न हम भी अपने व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय देश के लिए निकालें और "भारतीयता" के सन्देश को जन जन तक प्रसारित करने में अपना भी योगदान सुनिश्चित करें क्योंकि जब भारत एक होगा तभी शक्तिशाली और वैभवशाली बन सकेगा और तभी हम सभी सच्चे "भारतीय" कहला सकेंगे मित्रों हमारे देश का विकास हमारे हाथों में है और अब हर व्यक्ति को जागृत होना होगा और स्वयं के विकास के साथ ही देश के विकास के बारे में भी चिंतन करना होगा तभी हमारा यह महाभियान सफल होगा |
बहुत हुए आपस के विवाद
मिला हमें क्या दुःख अवसाद
आओ मिलकर लें संकल्प
रहेगा भारत सदा आबाद
जय हिंद जय भारत जय अभियान भारतीय
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